AUSvsIND/मयंक-विहारी ओपनर के तौर पर विफल रहे तो भी उन्हें मिडल ऑर्डर में खिलाया जाता रहेगा- BCCI

मेलबर्न/नई दिल्ली. भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मेलबर्न में बॉक्सिंग डे टेस्ट (Ind vs Aus Boxing day test) खेला जा रहा है। चार टेस्ट मैचों की सीरीज के इस तीसरे टेस्ट में टीम इंडिया ने नई सलामी जोड़ी उतारी। यह प्रयोग कामयाब भी रहा। मयंक अग्रवाल और हनुमा विहारी (mayank agarwal-hanuma vihari) ने ओपनिंग में 40 रन जोड़े। स्कोर के लिहाज से यह आप कह सकते हैं कि ये कम रन हैं लेकिन इसका दूसरा पक्ष बहुत अहम है। दरअसल, दोनों ने नई बॉल का पूरा वक्त निकाल दिया और टेस्ट क्रिकेट में नई बॉल की चमक उतारना काफी अहम माना जाता है। खासतौर पर तब जबकि ऑस्ट्रेलिया के पास बेहतरीन तेज गेंदबाज हैं जो 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बॉलिंग करते हैं। मैच के पहले, बीसीसीआई सिलेक्शन कमेटी चीफ (BCCI selection committee chief MSK Prasad) ने दोनों बल्लेबाजों का समर्थन किया था।INDvsAUS: मयंक का डेब्यू टेस्ट में शानदार प्रदर्शन; कोच बोले- मैं चाहूंगा वो सहवाग की तरह खेलेप्रसाद ने क्या कहा?सीरीज 1-1 से बराबर है। ऐसे में तीसरे टेस्ट में दो नए सलामी बल्लेबाजों को खिलाने का फैसला कई पूर्व क्रिकेटर्स और क्रिकेट समीक्षकों को हजम नहीं हो रहा है। चयन समिति के मुखिया एमएसके. प्रसाद ने इस फैसले का बचाव किया और दोनों ओपनर्स के लिए एक मैसेज भी दिया। प्रसाद ने कहा- मैं जानता हूं कि दोनों के ऊपर अहम जिम्मेदारी है लेकिन हमें ये भरोसा है कि वो दोनों इस काम को बखूबी कर सकते हैं। ये मान भी लिया जाए कि दोनों विफल हो गए हैं तो मैं ये भरोसा दिलाता हूं कि उन दोनों को मिडल ऑर्डर में खिलाया जाता रहेगा। हम पूर्व में देख चुके हैं कि चेतेश्वर पुजारा से भी ओपिनिंग कराई गई है। विहारी के पास नई कूकाबूरा गेंद का सामना करने के लिए बहुत अच्छी तकनीक है। मैंने उन्हें काफी करीब से देखा है।प्रसाद खुद रहे थे फेलखास बात ये है कि 1999 में जब प्रसाद टीम इंडिया का हिस्सा थे और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उन्हें ओपनिंग करने को कहा गया था तो वो ब्रेट ली जैसे तेज रफ्तार बॉलर का सामना करने में विफल रहे थे। प्रसाद खुद भी इस बात को मानते हैं। उनका कहना था- मैं तब अच्छा नहीं कर पाया था लेकिन विहारी और मयंक के पास अच्छी तकनीक है। विहारी तकनीक के मामले में रोहित शर्मा ज्यादा सक्षम हैं। मुझे लगता है कि वो लंबे वक्त तक भारत की टेस्ट टीम का हिस्सा बने रहेंगे। बता दें कि विहारी और मयंक दोनों ही नियमित तौर पर ओपनिंग नहीं करते। मुरली विजय और राहुल के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में प्रसाद ने कहा कि हम दोनों के ही भविष्य के बारे में विचार करेंगे।

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