करंट लगने से मृत माता-पिता के बच्चों को दिया गया परवरिश योजना का लाभ

करंट की चपेट में आने से अरियरी प्रखंड के धनौल गांव निवासी विनोद मांझी और उसकी प|ी मंजू देवी सहित एक अन्य की मौत हो गई थी। शनिवार को इस विद्युत स्पर्शाघात में मृत दंपती के बेसहारा हुए दो बच्चों को परवरिश योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाले आर्थिक सहायता का लाभ दिया गया। इस बाबत एसडीओ राकेश कुमार में बताया की बेसहारा हुए बच्चों को सरकार द्वारा परवरिश योजना के तहत उनके परवरिश के लिए 18 साल की आयु तक प्रतिमाह 900 रुपए सहायता के रूप में दी जानी है। इस योजना के तहत जीरो से छह साल की आयु तक के बच्चे को नौ सौ रुपए प्रतिमाह दिया जाना है, जबकि छह साल से ऊपर के आयु के बच्चों को एक हजार रूपए की राशि सहायता के तौर पर हरेक माह दिया जाना है। विद्युत स्पर्शाघात से अरियरी प्रखंड के धनौल गांव के मृतक पति-प|ी स्व.विनोद मांझी और मंजू देवी की अनाथ संतान रवि, शिवानी और सन्नी को परवरिश योजना का लाभ दिया गया। 21 अगस्त को बीते माह घटी इस घटना से गांव में कोहराम मच गया था। अरियरी थाना क्षेत्र के धनौल गांव मुसहरी में बिजली का तार टूटने से करंट की चपेट में आने से एक ही परिवार से जुड़े तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। जिसमें विनोद मांझी(37), प|ी मंजू देवी (34) और चचेरा भाई सोमन मांझी (20 ) की जान चली गई थी। धनौल गांव में यह घटना तब घटी थी जब हल्की बारिश के बाद मंजू देवी घर से बाहर खुले जमीन पर गाड़े गए चापाकल के समीप बर्तन धोने के लिए गई थी। इसी दौरान हादसा हो गया।

एसडीओ कार्यालय में बेसहारा बच्चे।



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Ariyri News - the benefit of the upbringing scheme given to the children of the parents who died due to the current


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