अब जेआरएफ के विद्यार्थियों को बनाना होगा बायोमीट्रिक से उपस्थिति

वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय प्रबंधन ने जीआरएफ (जूनियर रिचर्स फेलोशिप) शोध विद्यार्थियों पर नकेल कसने के लिये कवायद तेज कर दी है। छात्र कल्याण अध्यक्ष डॉ केके सिंह ने बताया कि अब जीआरएफ करने वाले विद्यार्थियों को स्नातक व स्नातकोत्तर में वर्ग संचालन करना होगा। साथ उन्हें बॉयोमैट्रिक से उपस्थिति भी दर्ज करानी होगी। ऐसा नहीं करने वाले शोधार्थियों का अनुदान रोक दिया जाएगा। उन्होंने सभी अंगीभूत कॉलेज व सभी विभाग को इसके लिए पत्र जारी किया है। शोधार्थियों को कक्षाएं आवंटित करते हुएं समय-सारणी एक सप्ताह के भीतर तैयार कर इसकी रिपोर्ट कार्यालय में भेजने का आदेश जारी किया है। गौरतलब हो कि जीआरएफ की राशि शोधार्थी उठाकर दिल्ली,लखनऊ व बनारस जैसे शहरों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते है। उन शोधार्थी को विश्वविद्यालय की तरफ लाने के लिये नकेल कसा गया है। जीआरएफ करने वाले विद्यार्थियों को प्रति माह संभाावित यूजीसी से 31 हजार रूपया मिलता है। ताकि शोधार्थी अपने विषय पर शोध कर सके।

बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए भिक्षाटन करतींं महिला कॉलेज की छात्राएं।

बिना संबंधन वाले 32 कॉलेज को दूसरे कॉलेजों से किया गया टैग

आरा| वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के 32 कॉलेज जिनका विभिन्न विषयों में संबंधन प्राप्त नहीं है। उन संबंद्ध कॉलेजों को दूसरे कॉलेजों से टैग कर दिया गया है। स्नातक पार्ट-टू, सत्र 2017-20 के विद्यार्थियों को दूसरे कॉलेज से टैग किये जाने पर इनकी परेशानी अब बढ़ने वाली है। संशोधित सूूची विश्वविद्यालय प्रबंंधन के द्वारा जारी कर दिया गया है। कुलसचिव ने श्यामानंद झा ने बतााय कि कॉलेजों को टैग करने की जो सूची जारी की गयी थी, उसमें कई तरह की त्रुटियां थी। कई ऐसे कॉलेज को दूसरे कॉलेजों से टैग कर दिया गया था जहां उन विषयों की पढ़ाई ही नहीं होती थी। जिसके बाद विश्वविद्यालय के अधिकारियों को काफी किरकिरी झेलनी पड़ी थी। संबंद्ध कॉलेजों ने भी इसको लेकर आवाज उठाया था। गौतरलब हो कि विश्वविद्यालय प्रबंधन ने पहली सूची 18 सितंबर को जारी किया था।

विद्यार्थी को बाहर के कॉलेज से किया टैग

महाराज कॉलेज, कुंवर सिंह कॉलेज, श्री त्रिदंडी स्वामी मानस कॉलेज पनवारी व महथीन मां महाविद्यालय बिहिया सहित अन्य कॉलेजों को सासाराम के कॉलेज से टैग कर दिया गया है। जिसके कारण अब विद्यार्थियों की मुश्किले और भी बढ़ने वाली है। मुख्यालय के रहने वाले विद्यार्थी को वर्ग संचालन सहित अब अन्य कार्यों के लिये बार-बार सासाराम जाना पड़ेगा। वहीं इस संदर्भ में जब विश्वविद्यालय के अधिकारियों से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि प्राचीन इतिहास सहित अन्य ऐसे विषय है जिनका संबंधन मुख्यालय के कॉलेजों में है ही नहीं।

महिला कॉलेज की छात्राओं ने बाढ़ पीड़ितों के लिए किया भिक्षाटन

आरा| शहर के महंथ महादेवनंद महिला कॉलेज के राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वंयसेवकों ने बाढ़ पीड़ितों के लिए भिक्षाटन किया। स्वयंसेवकों ने कॉलेज के शिक्षक, कर्मचारी व छात्राओं से सहयोग राशि लिया। प्राचार्य डॉ आभा सिंह ने छात्राओं का हौसला अफजाई करते हुये कहा कि इनके द्वारा किया गया प्रयास सराहनीय है।भिक्षाटन कार्यक्रम में वरीय स्वयंसेविका अनामिका केसरी,पल्लवी प्रियदर्शनी, हर्षिता विक्रम, अदिति राज, मनीषा कुमारी, स्वेता कुमारी व सिमरन कुमारी सहित कई अन्य स्वयंसेवक उपस्थित थी।

पार्ट-वन किसी कॉलेज व पार्ट-टू दूसरे कॉलेज से

वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के सत्र 2017-20 के विद्यार्थियों की डिग्री पर अब सवाल उठने लगा है। स्नातक पार्ट- वन की डिग्री विद्यार्थी को किसी और कॉलेज से मिलेगी तथा स्नातक पार्ट-टू की डिग्री विद्यार्थी को अन्य कॉलेज से मिलेगी। इसको लेकर प्रशासनिक भवन के गलियारों में उपहास का विषय बना हुआ है। कई संबंद्ध कॉलेजों ने भी इसको लेकर आवाज उठाया है। विद्यार्थियों ने भी कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं के साक्षात्कार में इसको लेकर सवाल खड़ा हो सकता है।



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Ara News - now jrf students will have to make biometric attendance
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