एसके महिला कॉलेज के कायाकल्प के लिए जानी जाएंगी डॉ. स्वप्ना चौधरी
एसके महिला कॉलेज की प्राचार्या डॉ स्वप्ना चौधरी की विदाई के मौके पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 40 वर्षों के लंबे कॅरियर के बाद वे सेवानिवृत्त हुईं। इस दौरान सेकेंड इनिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कॉलेज के सभागार में विभिन्न कॉलेजों के प्राध्यापक, छात्र संगठन के कार्यकर्ता एवं बुद्धिजीवियों का जमावड़ा लगा। समारोह के दौरान काफी संख्या में जिले के डॉक्टर भी मौजूद थे। इस दौरान यूके की डॉ विदुषी गौतम, शिल्पी गौतम तथा नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ मोना गौतम भी मौजूद थी। मौजूद परिजनों ने जहां कहा कि डा स्वप्ना चौधरी अब परिवार में समय दें पाएगीं, तो वहीं अतिथियों ने कहा कि समाज और शिक्षा जगत को अब भी इनकी जरूरत है।
विदेशों में भी रिसर्च पेपर की होती है तारीफ
मौके पर आईआईटी मुंबई में प्राध्यापक सह नाईजीरिया में कुलपति रहे डॉ. दशरथ कुमार ने कहा कि प्राचार्य से बड़ा होता है एक शिक्षक का पद। ऐसे में सेवानिवृति के बाद भी इन्हें रिसर्च के क्षेत्र में काम करना चाहिए, जिससे कि शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी लकीर खींची जा सके। उन्होंने कहा कि डॉ स्वप्ना चौधरी का रिसर्च पेपर जब मैने नाइजीरिया के तीन रेफरी (विषय के विशेषज्ञ) के पास दिया तो उन्होंने कहा कि इंडिया में ही संभव है इतना उच्चस्तरीय पेपर लिखने वाले शिक्षक हैं।
कॉलेज को शून्य से शिखर पर पहुंचाया
मेयर उपेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि कॉलेज को शून्य से शिखर पर पहुंचाने में प्राचार्या डॉ स्वप्ना चौधरी का काफी योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि कॉलेज को सजाने, संवारने एवं समृद्ध करने की जब जब बात चलेगी तो डॉ स्वप्ना चौधरी सदा कॉलेज के प्राचार्य के रुप में याद की जाएंगी।
विदाई समारोह में केक काटते प्राचार्य स्वप्ना चैधरी।
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