ज्ञान भवन में प्रथम अप्रवासी बिहारी सम्मेलन, सशील मोदी बोले- डोमिसाइल नीति से बिहारी युवाओं को ही नुकसान

पटना.उपमुख्यमंत्री डोमिसाइल नीति को बिहार के लिए उपयुक्त नहीं बताया और कहा कि इससे बिहारी युवाओं को ही नुकसान होगा। यदि ऐसी ही नीति अन्य राज्यों ने बनाना शुरू कर दिया तो बिहार के लोगों को मुश्किल हो सकती है। आज पूरी दुनिया बिहारी युवाओं की प्रतिभा का लोहा मान रही है। मोदी भाजपा एनआरआई मंच की ओर से ज्ञान भवन में आयोजित प्रथम ‘अप्रवासी बिहारी सम्मेलन’ को सं‍बोधित कर रहे थे। उपमुख्यमंत्री ने कांग्रेस व राजद की पूर्ववर्ती सरकारों पर बिहार के विकास को बाधित करने का आरोप लगाया। कहा कि श्रीकृष्ण बाबू के 1961 में निधन के बाद 2005 तक बिहार उपेक्षित रहा। यदि इस दौरान बिहार का विकास हुआ होता तो आज सूबे की तस्वीर ही दूसरी होती। राजद के 15 वर्षों में एक भी शैक्षणिक संस्थान नहीं खुले। देश-दुनिया से आए अप्रवासी बिहारी राज्य के विकास में अपना योगदान दें। अपने-अपने गांव में अपने पुरखों के नाम पर स्कूल, अस्पताल के लिए जमीन दान दें। बिहार सरकार द्वारा गठित ‘बिहार फाउंडेशन‘ जो दुनिया के अधिसंख्य देशों में कार्यरत है, उससे जुड़ें व वेबसाइट पर ऑनलाइन निबंधन कराएं।

अप्रवासी बिहारियों में सूरत बदलने की क्षमता

केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने कहा कि अप्रवासी बिहारियों में वह क्षमता है कि वे अपने राज्य की सूरत बदल सकते हैं। पूरी दुनिया में बिहार के लोग अपनी प्रतिभा के डंके पीट रहे हैं। ऐसे में उन्हें अपने राज्य, अपनी जन्मभूमि के बारे में सोचना होगा। कहीं रहें अपने बिहारीपन को खत्म न होने दें। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने अप्रवासी बिहारियों से बिहार के विकास में सहभागी बनने की अपील की और कहा कि बिहारी प्रतिभा की दुनिया कायल है। वे जब दुनिया बदल सकते हैं तो बिहार के विकास में सहभागी क्यों नहीं हो सकते? उन्हें लोकतांत्रिक व्यवस्था में भी सहयोगी बनना होगा। संयोजक अनिल दत्त सिंह और सुजीत झा ने सम्मेलन की विस्तृत रुपरेखा पेश की। इस अवसर पर संगठन महामंत्री नागेन्द्रजी, सह संगठन महामंत्री शिवनारायण, प्रदेश उपाध्यक्ष देवेश कुमार, राधामोहन शर्मा, राजेश वर्मा, अभिजीत कश्यप, पंकज सिंह, अशोक भट्‌ट, राकेश सिंह मौजूद थे।

राज्य के प्रति जिम्मेदारी निभाएं अप्रवासी बिहारी
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि बिहार नॉलेज हब बनने की पूरी क्षमता रखता है। बिहार विकास के रास्ते पर तेजी से बढ़ रहा है। औद्योगिक विकास के रास्ते भी खुल रहे हैं। अप्रवासी बिहारी अपने राज्य के प्रति अपनी जिम्मेवारी निभाएं। अपने गांव उनकी पगडंडियों के बारे में सोचें। दुनिया के किसी कोने में रहें, मैथिली, भोजपुरी, अंगिका, बज्जिका भाषा की खुशबू बनाए रखें। उन्होंने भी डोमिसाइल नीति को बिहार के लिए उपयुक्त नहीं माना।

खाली रह गईं सभागार की आधी से अधिक सीटें
भाजपा एनआरआई मंच की ओर से आयोजित प्रथम ‘अप्रवासी बिहारी सम्मेलन’ में ज्ञान भवन की आधी से अधिक सीटें खाली रह गयी। सम्मेलन को लेकर भाजपा में गजब का उत्साह था। हालांकि पार्टी के ही एक वरीय नेता का कहना था कि चूंकि देश के बाहर से लोगों को आना था, इसीलिए कम ही लोगों को आमंत्रित किया गया था। बताया गया कि 15 देशों के प्रतिनिधि इस सम्मेलन में पहुंचे।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
सम्मेलन के दौरान पुस्तिका का विमोचन करते भाजपा के संगठन महामंत्री नागेंद्रजी, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, डिप्टी सीएम सुशील मोदी, केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे।


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2ToNufj
via IFTTT

Comments