30 जून तक बढ़ी ड्राइविंग लाइसेंस, परमिट अौर रजिस्ट्रेशन की वैधता
लॉकडाउन को देखते हुए परिवहन विभाग ने ड्राइविंग लाइसेंस, परमिट, रजिस्ट्रेशन जैसे दस्तावेज की वैधता 30 जून तक बढ़ा दी है। वैसे लोग जिनके ड्राइविंग लाइसेंस, परमिट और रजिस्ट्रेशन की वैधता एक फरवरी 2020 के बाद समाप्त हो गई, उनको इन दस्तावेजों के रीन्यूअल के लिए 30 जून तक की मोहलत दी गई है। राज्य सरकार ने इस आशय का आदेश जारी कर दिया और सभी जिला परिवहन पदाधिकारियों काे इसका अनुपालन करने का निर्देश दिया है। परिवहन विभाग के सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि लॉकडाउन के कारण लोगों की परेशानी को देखते हुए विभाग ने यह निर्णय लिया है।
वाहन मालिक अपने वाहनों के फिटनेस, परमिट तथा अन्य कागजात को लेकर अनावश्यक रूप से परेशान न हों। लॉकडाउन समाप्त होने के बाद परिवहन विभाग इसके लिए विशेष शिविर का आयोजन करेगा। कई सुविधाएं ऑनलाइन भी दी जाएंगी, ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। परिवहन सचिव ने बताया कि सभी परिवहन पदाधिकारियों और ट्रैफिक पुलिस को इन कागजात के लिए वाहन मालिकों को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने भी सभी राज्यों के लिए एडवाइजरी जारी की है।
इन कागजात की बढ़ाई गई वैधता
जिन कागजातों की वैधता की अवधि बढ़ायी गई है, उनमें मोटर वाहन कानून के तहत फिटनेस प्रमाणपत्र, सभी प्रकार के परमिट, ड्राइविंग लाइसेंस, पंजीकरण और अन्य दस्तावेज शामिल हैं।
बाढ़ से बिहार के लोगों को बचाने के लिए नेपाल में चल रहा काम रुका
नेपाल में बाढ़ पूर्व की योजनाओं पर काम ठप हो गया है। इससे बिहार की परेशानी बढ़ गयी है। नेपाल में ये कार्य उत्तर बिहार को बाढ़ से बचाने के लिए हो रहे थे। कोरोना वायरस के बढ़ते खतरों का सीधा असर इन कार्यों पर भी पड़ा है। नेपाल में चल रहे सारे कार्य अचानक बंद हो गए हैं। इन परियोजनाओं पर काम करने वाले कामगार और इंजीनियर लौट चुके हैं। इन्हें 15 मई के पहले हर हाल में पूरा करना था। हालांकि, जल संसाधन विभाग को विश्वास है कि मानसून के पहले सारे कार्य अवश्य पूरे हो जाएंगे। नेपाल प्रक्षेत्र में 21 परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इन पर 71 करोड़ की राशि खर्च होनी है। इनका मकसद नेपाल से निकलने वाली नदियों के पानी के फैलाव को रोकने है।
आंगनबाड़ी केंद्र अब 30 अप्रैल तक बंद रहेंगे
आईसीडीएस निदेशालय ने कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे के कारण पूरे देश में किए गए लॉकडाउन के बाद सूबे के आंगनबाड़ी केंद्राें के बंदी की अवधि 30 अप्रैल तक बढ़ी दी है। निदेशक आलोक कुमार ने बताया कि कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए राज्य सरकार के निर्देश पर 15 मार्च सभी 1.17 लाख केंद्राें को 31 मार्च तक बंद करने का आदेश दिया गया था। लेकिन, देश में लॉकडाउन को देखते हुए बंद की अवधि 30 अप्रैल तक बढ़ायी गई है।
कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति पर लॉकडाउन का नहीं पड़ेगा असर
पटना|31 मार्च को रिटायर हो रहे राज्य और केंद्र सरकार के अधिकारियों तथा कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति पर लॉकडाउन का कोई असर नहीं होगा। भारत सरकार की डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग (डीओपीटी) ने सभी विभागों को इस संबंध में निर्देश जारी किया है। अपने आदेश में डीओपीटी ने कहा है कि ऐसे सभी कर्मचारियों और पदाधिकारियों की सेवानिवृत्ति की तारीख 31 मार्च है और जो घर से काम कर रहे हैं या ऑफिस आ रहे हैं, उनकी सेवानिवृत्ति पर लॉकडाउन का कोई असर नहीं होगा। वहीं राज्य सरकार ने इस संबंध में कोई आदेश नहीं जारी किया है। अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन विभाग आमिर सुबहानी ने बताया कि सेवानिवृत्ति के लिए ऐसे किसी आदेश की आवश्यकता नहीं है।
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