क्वारेंटाइन शिविरों में कुव्यवस्था एक दिन बाद ही 41 मजदूर भागे

कोरोना संक्रमण को लेकर जारी जंग में जिला प्रशासन की बड़ी चूक ने क्वारेंटाइन शिविरों की पोल खोलकर रख दी है। बदइंतजामी के चलते सोमवार की शाम लाए गए मजदूरों में से 41 एक दिन बाद ही भाग निकले। दिल्ली और अन्य राज्यों से आए मजदूरों के लिए अलग-अलग क्वारेंटाइन शिविरों की स्थापना की गई है ताकि वहां 14 दिन तक मजदूरों को सुरक्षित रखा जा सके। लेकिन बिना कोई सुविधा के सदर थाना क्षेत्र के सुखपुर में बनाए गए क्वारेंटाइन कैंप में जब मजदूरों को रखा गया तो वहां की व्यवस्था को देख 4 लोग फरार हो गए। मंगलवार को जब प्रशासन को इसकी सूचना मिली तो खलबली मच गई। अधिकांश मजदूर प्रशासन की नजरों से दूर भाग निकले।


उधर, जिला मुख्यालय स्थित हजारी उच्च माध्यमिक विद्यालय गौरवगढ़ से सोमवार की देर रात 25 मजदूर क्वारेंटाइन कैंप की कुव्यवस्था को देख भाग निकले। वहीं, सदर थाना क्षेत्र के मध्य विद्यालय बसबिट्‌टी में बनाए गए क्वारेंटाइन कैंप से 12 लोग फरार हो गए। उनकी तलाश की जा रही है। ये सभी लोग दिल्ली सहित अन्य राज्यों से लौटकर सुपौल आए थे। इसके बाद जिला प्रशासन ने सोमवार की देर शाम इन्हें 14 दिन के लिए क्वारेंटाइन शिविर में रखा था। लेकिन कैंप में न तो समुचित शौचालय, न सोने की व्यवस्था और न ही भोजन की व्यवस्था की गई थी। इसी के चलते मजदूर भाग निकले।

कैसे लड़ेंगे कोरोना से : सुपौल के 3 शिविरों में मजदूरों का हाल

सदर थाना क्षेत्र के सुखपुर में बाहरी लोगों के लिए बने क्वारेंटाइन कैंप की कुव्यवस्था देख रूह कांपने लगती है। यहां कैंप तो बना दिया गया लेकिन न तो उनके लिए भोजन का प्रबंध किया गया और न सोने के लिए बिस्तर का। ऐसी स्थिति में कैंप में पहुंचे लोग कुव्यवस्था को देख जान बचाकर भाग निकले। इन्हें खोजने के लिए प्रशासन के वाहन दिन भर ग्रामीण क्षेत्रों का चक्कर लगाते रहे। कुछ लोगों का पता कर लिया गया तो कुछ अब भी प्रशासन की नजरों से दूर हंै।

मुंगेर : कोरोना पॉजिटिव चालक के पड़ोस की बच्ची की गई जान

कोरोना पॉजिटिव एंबुलेंस चालक के पड़ोसी की 8 साल की बेटी की सोमवार रात मौत हो गई। बुखार, होने पर परिजन उसे सदर अस्पताल ले गए थे। डॉक्टरों का कहना है कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही बच्ची मर चुकी थी। उसे दफनाने के समय स्वास्थ्य विभाग के चार कर्मचारी भी वहां पहुंचे। सभी सेफ्टी किट पहने हुए थे।

पूर्णिया : अाइसाेलेशन सेंटर से पांच संदिग्ध भाग निकले

जलालगढ़ पंचायत के कस्तूरबा विद्यालय में रविवार की रात पांच लोगों को क्वारेंटाइन किया था लेकिन सभी लोग उसी रात आइसोलेशन सेंटर से भाग निकले। पांचों की जांच तक नहीं हो पाई थी। इधर, प्रशासन का दावा है फरार लोगों की धड़पकड़ के लिए कार्रवाई की जा रही है।

सीतामढ़ी : कोरोना जांच की सूचना देने वाले युवक की हत्या की हर्षवर्द्धन ने की निंदा, पुलिस ने रंजिशन कहा

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्द्धन ने सीतामढ़ी में कोरोना जांच की पुलिस काे सूचना देने पर युवक की हत्या की कड़ी निंदा की है। मंगलवार को ट्वीट करते हुए केंद्रीय मंत्री ने इसे दुखद बताया। मालूम हो, रविवार देर शाम रुन्नीसैदपुर के मधौल गांव में 20 साल के बबलू की इसलिए हत्या कर दी थी क्योंकि उसने मुंबई से गांव पहुंचे दो युवकों की पुलिस को सूचना दे दी थी। इस बीच पुलिस मुख्यालय ने मंगलवार को दावा किया कि कोरोना की सूचना देने के कारण नहीं बल्कि वारदात के मूल में पुरानी रंजिश है। एडीजी (मुख्यालय) जितेंद्र कुमार के मुताबिक रुन्नीसैदपुर की जिला परिषद सदस्या के पति की सूचना पर मेडिकल टीम ने जांच की थी। जबकि मृतक के भाई गुड्‌डू सिंह ने आरोप लगाया कि हेल्पलाइन नंबर पर फोन कर बबलू ने कोरोना की जांच के लिए सूचित किया था।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
जमीन पर सोने के लिए मजबूर मजदूर ।


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2QYLKc6
via IFTTT

Comments