अब घबराना नहीं, बल्कि जीवन में मजबूती से आगे बढ़ना
डीएम डाॅ. चंद्रशेखर सिंह ने यह पत्र चमकी बुखार/एईएस से जंग जीतनेवाले जिले के बच्चों व उनके माता-पिता के नाम शनिवार काे लिखा। इसके जरिए उन्हाेंने उनका उत्साह बढ़ाने के साथ-साथ आगे के लिए जागरूक रहने की सलाह भी दी है। उन्हाेंने इस बीमारी को मात देनेवाले 20 बच्चों के लिए रेडक्रॉस में जीविका काे फूड पैकेट भी उपलब्ध कराए। जीविका के जरिए ये पैकेट उन बच्चों को मिलेंगे। इस दाैरान नगर आयुक्त मणेश मीणा, डीपीआरओकमल सिंह, रेडक्रॉस के सचिव उदय शंकर प्रसाद सिंह समेत जीविका के जिला प्रतिनिधि व अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मौके पर डीएम ने कहा कि ये फूड पैकेट चमकी बुखार/एईएस से जंग जीतनेवालाें समेत उन बच्चों को भी दिए जाएंगे जो कमजोर व कुपोषित हैं। यहां प्रस्तुत हैं डीएम के लिखे पत्र के प्रमुख अंश :
प्रिय, कल्पना, मो. खुबैद....
हमें खुशी है कि आपने चमकी बुखार से जंग जीत ली है। इलाज के बाद आप स्वस्थ होकर अपने घर पर हैं। अब घबराना नहीं है, बल्कि और मजबूती से जीवन में आगे बढ़ना है। माता-पिता खुद जागरूक रहें अाैर आसपास के लोगों को भी इससे बचाव के बारे में बताएं। बच्चा काे बुखार हाेने या फिर अर्द्धबेहोशी, अकड़न, चिकोटी पर प्रतिक्रिया न हाेने, मुंह से झाग जैसे लक्षण पर फाैरन नजदीकी सरकारी अस्पताल में ले जाएं। झाड़-फूंक में समय बर्बाद न करें। बच्चा जितनी जल्दी अस्पताल पहुंचेगा, उसके ठीक होने की संभावना उतनी ज्यादा हाेगी। इस कार्य में आंगनबाड़ी सेविका दीदी, आशा व जीविका दीदी भी अापका सहयोग करेंगी। उनके पास ओआरएस के पैकेट्स, गाड़ी की सूची व अन्य जरूरी सामान हैं। प्रत्येक गांव के लिए गाड़ी चिह्नित है। विलंब होने पर दूसरी गाड़ी से भी बच्चे काे जल्द अस्पताल पहुंचाएं। जिला प्रशासन की ओर से आपको और पूरे परिवार को एक बार फिर से बधाई तथा भावी जीवन के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं।
-जिलाधिकारी, मुजफ्फरपुर
पत्र में लिखी गईं अन्य प्रमुख बातें
- तेज धूप व गर्मी में बच्चे को बाहर नहीं जाने दें
- उन्हें किसी भी समय खाली पेट नहीं रहने दें
- रात में बिना खाना खाए किसी बच्चा को न सोने दें
- शाम में भी स्नान कराएं या गीले कपड़े से पोंछे
- सुबह उठते देखें कि वे पूरी तरह से ठीक हैं।
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